Jinendu Weekly of Ahmedabad published a review of Cooking at Home with Pedatha praising the book and calling it a “traditional journey”.

HERE IS A TRANSCRIPT OF THE ARTICLE:
JINENDU Ahmedabad
कुकिंग एट होम विद पेदत्ता
यह पुस्तक एक परंपरा की दास्तान है, एक सुविख्यात परिवार के व्यंजनों क़ी ऐसी परंपरा जिसने सगे सम्बन्धी और घनिष्ट दोस्तों को ही नहीं, मगर भारत के तेजस्वी अतीत के कुछ महापुरुषों (स्वतंत्रता सेनानियों) को भी भोजन खिलाया है. इसके शीर्षक का अनुवाद है ‘घर का खाना पेदत्ता के संग’. पेदत्ता यानि बड़ी बुआ – यह है ८५ वर्षीय श्रीमती सुभद्रा राव परिगी जो हमारे भूतपूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. वी.वी.गिरी क़ी ज्येष्ठ पुत्री हैं और इस पुस्तक की प्रेरणास्रोत है.
यह पुस्तक प्रेम, सम्मान और ज्ञानार्जन की एक अनोखी दास्तान है जिसमें लेखिकाओं ने आँध्रप्रदेश के शाकाहारी भोजन की परंपरा को उजागर किया है. पुस्तक का हर पन्ना उस प्यार और सम्मान का प्रतीक है. मौखिक ज्ञान को लेखनी में बाँधने का सफल प्रयास है. यह पेदत्ता (बड़ी बुआ )और उनकी पीढ़ी को प्यार भरा प्रणाम है. पुस्तक क़ी कुछ विशेषताए: तस्वीरों वाला शब्दकोश, हर पृष्ठ पर व्यंजन के साथ तस्वीर, कई व्यंजनों के रूपांतरण, हर अनुभाग की स्पष्ट भूमिका, संपूर्ण पुस्तक में पेदत्ता के ख़ास टिप्पणियों की सौगात, हर व्यंजन क़ी स्पष्ट और निश्चित विधि, तेलुगु शब्दों के स्पष्ट उच्चारण के लिए लिप्यन्तरण की विधि.
संपर्क: प्रित्या, ७० डॉ. रंगा रोड, ग्राउंड फ्लोर, मैलापुर, चेन्नई ६००००४.
(As featured in Jinendu Weekly)
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