Jinendu Weekly of Ahmedabad covered the Gourmand World Cookbook Awards won by Cooking at Home with Pedatha in an article titled “Another victory for India in the international arena” on May 13, 2007.

HERE IS A TRANSCRIPT OF THE ARTICLE:
व्यंजन पुस्तकों की दुनिया में स्पेन के गौरमांड पुरस्कारों (गौरमांड वर्ल्ड कुकबुक अवार्ड्स) की तुलना ऑस्कर या नोबेल पुरस्कार के साथ की जाती है. ये अन्तराष्ट्रीय पुरस्कार हैं जिनमें गत बारह वर्षों से नब्बे देश भाग ले रहे है. ये प्रतिवर्ष अलग-अलग देशों में आयोजित किए जाते हैं. जर्मनी और फ़्रांस के पश्चात् ये पुरस्कार २००४ में बारसीलोना में, २००५ को स्वीडन में, २००६ को कौलालुम्पुर में और इस वर्ष अप्रैल २००७ को बीजिंग, चीन में मनाये गए.
इस वर्ष भारत से जिज्ञासा गिरी और प्रतिभा जैन की शानदार पुस्तक ‘कुकिंग एट होम विद पेदत्ता’ ने चीन में आयोजित गौरमांड वर्ल्ड कुक अवार्ड्स २००६ में विश्व की सर्वोत्तम शाकाहारी व्यंजन पुस्तक (बेस्ट वेजिटेरियन कुकबुक इन द वर्ल्ड) का ख़िताब जीतकर एक बार फिर विश्व में भारत की शान बढाई है. इस पुस्तक की पूरी टीम अपने आप में एक मिसाल है – इसकी अनोखी डिज़ाइन एनविशान के प्रबोध जैन और कविता शिवन द्वारा की गई है. लेखिका डॉ.प्रतिभा जैन दर्शनशास्त्र में डॉक्ट्रेट की उपाधि प्राप्त कर चुकी है. आप हिंदी और अंग्रेजी की सफल अनुवादक हैं. दूसरी लेखिका जिज्ञासा गिरी कत्थक शास्त्रीय नृत्य सिखाती है. पुस्तक की अति सुंदर तस्वीरें बैंगलोर के श्रीवत्स शांडलिया द्वारा खींची गई है.
एक और खास खबर यह है कि इस पुस्तक का एक बड़ा सा पोस्टर इस वर्ष अप्रैल में आयोजित विश्व प्रसिद्ध लन्दन बुक फेअर के लीथ रेस्तरां में लगाया गया है. विश्व भर में सिर्फ दस पुस्तकों को यह सम्मान मिला है.
गौरमांड की वार्षिक पुस्तिका २००७ में कुकिंग एट होम विद पेदत्ता की तारीफ: “यह पुस्तक बहुत खास है. जबरदस्त लेखनी, अन्तराष्ट्रीय स्तर की तस्वीरें और उत्कृष्ट डिज़ाइन से बनाई गई इस पुस्तक में देशी व्यंजनों पर जोर दिया गया है. यही वह सामग्री है जिससे यह पुस्तक सर्वश्रेष्ठ व्यंजन पुस्तकों में मानी जाती है.”
(As featured in Jinendu Weekly, May 2007)
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